Hindi My Poems

रंग हरी लाल भयो

चुनरी भी लाल हरी, चुडीयां भी हरी हरी, रंग हरी लाल भयो, भर गयो लाल हरी……… सपनोमें हरी हरी, जागृतीमी भरा हरी, सुषुप्तीमे सदा भरा, हरी हरी हरी हरी……….. नाम हरी भरा हृदय, अनुरेणू हरी भरा, पलविपल निशिदिनी, लाल हरी मन भरा………… जन्म हो सफल हरी, कुछ और नही अब तृषा, भाव सदा हरी हृदय, […]

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My Poems Urdu

जन्नत यही है और अमृत यहां

भलेही पहचान हो न हो किसीसे, फरक क्या पडता है गर तुम मिलोगे, किसीको थोडेसे पल तुम जो दोगे, हंसी और खुशिके दो पल सदा…….. रास्तेमे कोई मिलता अगर है, बढा दो हाथ थामलो हाथको, दे दो थोडीसी हंसी और ख़ुशी भी, कुछ पल अपने दे दो उसे………. कोई किसीको मिलता नही बेवजह, पिछले जनमका […]

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Marathi My Poems

कठोपनिषद

परमात्मा-जीवात्मा, वसती हृदयी गुहेत, आस्वाद घेती ते, परम सत्य फलाचे विद्वान म्हणती तयाला, किती हे विचित्र परी सत्य आहे, हे महत तत्व सारे……. देहा नियंत्रित मन-बुद्धि करते, असती छाया स्वरूप उभय अन्यत्व ते, पशू धावतो तो, मणी मानवाच्या, जयाच्या मनी नाच चाले कामनेचा…….. बहिर्मुख होती जे असे ते पुरुष, ते भोगती ते शरीर दु:खे अनेक, […]

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Marathi My Poems

उमलते मनासी नवे काव्य ऐसे

तुझी नम्रतेची मोहिनी अजुनी रमते मनासी अशी निशीदिनी, मोहक आभा ती नयनात प्रीति वेडावते मज ती आनन्दकारी……. न भेटलो कधीही न स्पर्शले तनुस परि श्वासात तुझ्या असे धुंद कैफ, मनी रम्य किती सुकुमार रूपे परि सर्व विरती तुझ्या रूपात..…… श्रुतींचे मनसोक्त ऐसे तराणे आलाप घेता अन हरकतींचे, उमले मनासी नवे काव्य तेंव्हा जणु मध्यरात्री चंन्द्रकंस […]

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Marathi My Poems

जानेकी इतनी जल्दी क्यों….

ख्वाबमे आती नही आनेपर रुकती नही, आनेको देरी करती हो जानेकी इतनी जल्दी क्यों……… मैखानेमे जाता नही हुं न साकी कि जरुरत है, बस तेरी याद ही काफी है तनहाईमें खुदको संभलनेके लिये……….. अजीब है दास्तां ऐसी ए क्या बयां करू इसे मे, सब कुछ लगता है अपनासा मगर हर मुकाम है खंडहर…….. अब जाने […]

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Marathi My Poems

फ्राईडचे कृष्णविवर आणि पातंजलींची प्रकाशगंगा

मनाच्या तळाशी, असे डोह काळा, तिथे वासनांचाच, सारा पसारा……… अतृप्त ईच्छा, अमूर्त वासनांचे, पोळे तिथे ते, असे दंश त्यांचे……….. भडकती ज्वाला, तिथे काम अग्नि, कधी शांत ना तो, शमन होत नाही……… नियंत्रित त्याला, करण्या सुयोग्य, असे एक प्रौढ, विच्चारी प्रबुद्ध………….. तरी संघर्ष सारा, असे चाललेला, ‘करण्या न करण्या’, असे कृत्य व्हाया……… अस्तित्व तेथे, असे नित्य […]

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English My Poems

I dissolved in Elixir

It was an evening flight We took off from Guwahati, And was heading to Agartala in Tripura…… Sun was setting in West And dusk was coming, In slow-steady beautifully Minute by minute………. All of a sudden, thunder Set on and plane was Dwindling in turbulent sky Horrifying us all……… Wobbling and trembling Lightening was rampant, […]

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English My Poems

Shiva’s Blessings

When it was a thunderstorm, I as passing through a dense forest, Partly scared by the horrifying lightening, And partly scared by fear of wild animals……… Rain was powering cats and dogs madly, Trees were trembling dangerously, Roaring of lions was chilling my heart, And my blood was getting colder and colder…… I am a […]

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English My Poems

Himalayan Wilderness

I am not a hermit Nor am I ascetic-sanyasi But wished to feel The moment of life Of those secluded souls…….. So, once I went wandering To higher ridges of Himalayas Utmost pious Gomukh At an altitude 4023 meters…… It was a chilling early Morning with Sub-zero Seventeen degrees Celsius Frozen all along Everything Flora […]

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My Poems Urdu

सफेद-पोश सियासत

अंधेरा घना हो चला हर तरफ है, सुरजकी रोशनी तितर बितर हो रही है, घने बादलोंकी बडी भारी भीड है न आशा न कोई और उम्मीद नही है………… माहोल सारा घना हर तरफ अंधियारा, मजहबके नाम पर ऐय्याशियां है, सियासतकी सब तरह करते है फरोशी१ न काम करना कोई यहां चाहता है……….. सब चाहते है […]

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My Poems Urdu

सिफर

सिफर१ बन गया हू इसलिये मै खुश हू, अब न कोई चाहत है अब बन गया हु आजाद२ मै…………. न गुस्सा किसीसे न कशिश३ न कोई, न ख्वाईश४ बची है पाना न कुछ भी………. ना बैर अब किसीसे बद-जनी५ ना किसीसे, रफ्तार अंदामकी६ आहिस्ता७ तवक्कुफ८…….. अब जरुरत ही क्या इबादत-गह९ जानेकी, खुदाकी इबादत१० तो अपनेही […]

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English My Poems

Emancipation

I am extremely gratified That I have become Zero, All unnecessary attachments Waned away, true…… No anger hugs me, No desire engulfs me No need pushes me To have more, anymore……. Envy went far away And competition ceased, All sensory organs Have serenely calmed……. Now why should I Go to temple every day, I warship […]

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Marathi My Poems

स्थितप्रज्ञस्य का भाषा?

मी शून्य झालो मी धन्य झालो, विरली सर्व माया मी मुक्त झालो……… नसे राग लोभ न इच्छा कशाची, नसे कामना काही मिळवावयाची……… आता द्वेष कसला आणि इर्षा कशाची, गती शांत झाली मम सर्वेन्द्रियांची………. आता नित्य जाणे न मंदिरी पुजाया निजांतरी स्थित हरीसी पुजाया……. मी भजतो हरीला सहस्त्रांश निमिषे, आता शोध कसला कशाच्या निमित्ते………. श्रुती आणि […]

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My Poems Urdu

कादिर-ए-मुतलक

बे-खबर१ मनमे सदा डरका माहोल होता है, डरावना युद्ध हरदम करनेका खयाल होता है………. नामुमकीन ख्वाइंशे२ ऐसी और बदतमीज मोहब्बते, ताकदवार सभी है वो डर लगता है उन सबका…….. नंगानाच चले वहां समाज धुधकारता जिसे, मुहब्बत है वहां पर उससे जो ख्वाईशे मुमकिन नही…….. खुदगरज चाहतोंका वहां बोलबाला हरपल वहां, बेशरम तजरुबोंकी सल्तनत३ है वहां……… […]

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English My Poems

Mind’s Architecture

Fear is dominating The unconscious mind, It wants to wage A destructive war………. Impractical sexual desires Are rampant there, Always playing its Spell undesirable………. Unethical desires Dance with cruelty, And love for Irrational wishes……. Selfish needs too Unrestrainedly more, Shameless experience Of bad nature prevail…….. Powerful and intoxicated Universe is Unconscious, Superior Subconscious Memories lay […]

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Marathi My Poems

मनोरहस्य

अचेतन मनांत आंत भिती असे मनांत फार, विध्वंसक युद्ध सुरु असे उन्मत्त विचार अनंत आंत……… अवास्तव वासना किती प्रबळ मनांत ही तिथे, हैदोस रात्रंदिन तयांचा विक्राळ असे रूप दिसे……… अनैतिक वासनांचेच ते प्रचंड तांडव ही तिथे, अवास्तव इच्छांचे अपार अफाट प्रेमही तिथे……… स्वार्थी गरजांचे अमाप थैमान अथक चालते, निर्लज्ज अनुभवांचे कृष्णकृत्य ही तिथे…….. मदांध असे […]

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English My Poems

God Particle

All the days are never same, But you can make them same, Or different, whatever way, You want them to be, you like…………… Days or nights or for that matter, Morning, evening dawn or dusk, Look the same way unless you want, To see them different way, you like……… Human mind is the fantastic cell […]

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Marathi My Articles

अभ्यास, गुण टक्केवारी, पर्सेन्टाईल वगैरे

आजच्या काळात ‘पुढे जाणे’ हाच केवळ एक महामंत्र  मुले आठव्या, नवव्या वर्गात पोहचली कि, घराघरात उच्चारणे सुरु होते. त्याच बरोबर जेईई, जेईई अडवांस, बित्स्याट अशा विविध परीक्षांची चर्चा सुरु होते आणि ते सहाजिकच आहे म्हणा. ते  सर्वस्वी चूक आहे असे माझे मुळीच म्हणणे नाही, परंतु प्रश्न असा आहे कि, ‘पुढे जाणे” म्हणजें काय हे परिभाषेत […]

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English My Articles

यद्ददाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन: |

Yogeshvar Krishna in BhagwadgeetaWalk to talk! I am aware that almost everybody on this platform must have learnt in the institute leading to enviable degrees and accolades, and in it you must have learnt a lot on “Leadership” too. Some of you, who are now engaged in training people or are facilitating different corporates and […]

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