Hindi My Poems

रंग हरी लाल भयो

चुनरी भी लाल हरी, चुडीयां भी हरी हरी, रंग हरी लाल भयो, भर गयो लाल हरी……… सपनोमें हरी हरी, जागृतीमी भरा हरी, सुषुप्तीमे सदा भरा, हरी हरी हरी हरी……….. नाम हरी भरा हृदय, अनुरेणू हरी भरा, पलविपल निशिदिनी, लाल हरी मन भरा………… जन्म हो सफल हरी, कुछ और नही अब तृषा, भाव सदा हरी हृदय, […]

Continue Reading
Hindi My Poems

यहाँ हर चीजकी किमत है

आज पहुचा हु वहां जो कभी सोचा न था, लगा था मुझे कर लिया बहुत है, हाय मगर, वो हकीकत न थी………….. बहुत पढ लिया मैने, सोचा था अब दिक्कत नही जिंदगीमे, कितना झूठ सपना था वो……… अकलसे दुनियादारी नही चलती यारो, यहाँ हर चीजकी किमत है, चाहो या ना चाहो………… किमत है मतलब, जेबमे […]

Continue Reading
Hindi

राष्ट्र प्रथम !

स्वर्गारोहन कर गये माहीर थे दुनियामे, महान पराक्रमी शूरवीर थे अपने अपने कालोमे…. अतुलनीय योद्धा थे बुद्धिमान और विचारवंत थे कलामे जो माहीर थे, संगीत विश्वके तारे थे, खेलकुदके बादशाह थे, विज्ञान जगतके सितारे थे, धर्मपंथके प्रवर्तक थे, समाजके मार्गदर्शक थे…… बडे हो या चाहेछोटे, छोड गये अपनी छविको, वसुन्धराके स्मृतीपटलपटर, चाहे वे राम हो […]

Continue Reading
Hindi My Poems

सुरजकी रोशनी नसीब नही हुई…

कई दिन भीत गये… सुरजकी रोशनी नसीब नही हुई, चमकते जुगनुभी, रातमे न आए……… बरीशकी फटकारने, तोहमत तो लायी है, फसलोकी ताबाहीको, साथ ले आई है…….. बेवक्त ए तमाशा, हो ही क्यो रहा है, पिनेको पानी भी, कही नही मिल रहा है………. दुनियाके कोई कोनेमे, बाढकी कयामत आई है और कोई जगहमे तो भुखा पडा […]

Continue Reading
Hindi

इरादों का संदल

उस नुकीले पहाडके अंतपर, वह झांक रही थी नीचे किसीके इन्तेजारमे……….. सुरज की रोशनीसे सारी वादी, चमक रही थी खुबसुरतसी………….. पंछीयोंकी चहचहाट सूनकर, उसमे खुशी उमड रही थी, काले घने बादलोंसे बेझीझक, पानीकी बुंदे उसे नहला रही थी…….. डरावनेसे खयालोंसे घबरा गई दिलमे, आशंका की गहरी लहरे उभर रही थी उसके जहनमे…………… वादा तो दिलवर […]

Continue Reading
Hindi

काश ! आबा ! हवामे, तैरना मुझे आता,

आंखे निंदसे बोझल थी, सपानोकी बारात जोरोंमे थी, कि अचानक याद आ गयी, अभिरामकी धुंधलिसी छवि छा गयी | सागरके किनारोंपर, रेतोंके पहाडोंपर, छोटीसी पगदंडीपर, नाचता वो चला था, आसमांके तारोंको, बुलाता वो चला था, पौधोंके पत्तोंको, सहालाते वो चला था, पंछीकी आहटको, सुनता वो चला था, लहारोंकी रोशनीको, देखता वो चला था | अब […]

Continue Reading
Hindi

राष्ट्रचिंतन – राष्ट्रप्रथम

काला तमका अंधियारा अब, दशोदिशामे छाया है राष्ट्र सुरक्षित करने हेतू, राष्ट प्रथम यह नारा है || १ || संविधानकी गरिमाकोभी, कलंकित क्यो करते है | अपने निजी स्वार्थभावसे, देश विभाजन करते है || २ || अंतस्थलसे द्वेष भावसे, इनकी सारी गतीविधियाँ | देश तोडने दुष्टभावसे, इनका है व्यवहार सदा || ३ || इनको कोई […]

Continue Reading
Hindi

राष्ट्रचिंतन – राष्ट्र प्रथम

काला तमका अंधियारा ए, दशोदिशामे छाया है, राष्ट्र सुरक्षित करणे हेतू, राष्ट्र प्रथम यह नारा है.. संविधानकी गरिमाकोभी, कलंकीत ए क्यो करते है, अपने निजी स्वार्थ भावसे, क्यो देश विभाजन करते है.. अंतस्थलसे द्वेषभावसे, इनकी सारी गतिविधीयां, देश तोडने दुष्ट भावसे, इनका है व्यवहार सदा.. न इनको कोई भय लगता है, असत्य सारा कहते है, […]

Continue Reading
English Hindi Marathi My Poems

मक्केकी रोटी Pizza और कढी

Smoke has blackened, roads are blocked, invisible everything, ears are locked… विनाकारण रस्त्यावर, बसले संसार मांडून, खोटे खोटे रडून, नुकसान सांगतात ओरडून… सिर्फ कुछ प्रांतोमेही, क्या अकाल पडा है, बरसात नही हुई, और महामारी आई है… Predators flocked, to challenge democracy, Some are also there, hatching conspiracy… महागड्या गाड्या यांच्या, शामियाने सजवले, बदामाचे दूध पिऊन, […]

Continue Reading
Hindi

उम्मीदोके ख्वाबोके रंगिन गुब्बारे

लोग कहते है जिंदगी ठहरसी गयी है, बारीषकी बुंदे अटकसी गयी है, परिंदोकी चहक रुकसी गयी है, चारो तरफ चुप्पी फैलसी गयी है…….. . दिलोमे दरिया मचल तो रहा है, दिमागोमे तूफान थमसा गया है, हवाओमे सर्दसी बिखरी हुई है, पत्तोकी हलचल अजीब हो रही है……… बातोमे करकश कही भी नही है, बातोमे फिरभी महक […]

Continue Reading
©2020: Mukund Bhalerao | Web Master: TechKBC
Back To Top